जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने का मार्ग

उत्तम पुस्तकें और आध्यात्मिक ग्रंथों का योगदान लोकप्रिय जैन साहित्यकार टोडरमल एक ग्रंथ लिखने में जुटे हुए थे, जो बाद में ‘मोक्ष मार्ग’ नाम से लोकप्रिय हुआ। वे सुबह आँख खुलते ही पूरी एकाग्रता के साथ लिखने में जुट जाते थे और रात देर तक लिखते रहते थे। उन्हें न

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The Art of Thinking

आओ सोचना सीखें – मन की बड़बड़ से राहत पाएँ

एक काम जो हर इंसान बायडिफॉल्ट करता है, वह है सोचना यानी विचार करना। मगर क्या कभी आपने इस तरह से सोचा है कि मैंने सोचना कब से शुरू किया… मुझे अकसर कौन से विचार आते हैं… कैसे विचार आते हैं… ऐसे ही विचार क्यों आते हैं… कब-कब विचार मुझ

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एक साथ मीठे और उदासीन कैसे बनें – तोलमोल के मुँह खोल

शब्द की ताकत से भला कौन परिचित नहीं है! शब्द-शक्ति के उदाहरणों से इतिहास भरा पड़ा है। वरदान, शाप और प्रतिज्ञा के फल की कहानियाँ आप पढ़ते, सुनते या देखते आए हैं। इन सबके पीछे जो शक्ति छिपी है, वह है शब्द शक्ति। आश्चर्य की बात तो यह है कि

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‘लोग क्या कहेंगे’ क्या आप डरेंगे – जीवन को दिशा देनेवाले कदम

विश्व में दो प्रकार के लोग हैं। पहले वे जो सिर्फ सपना देखते हैं और दूसरे वे जो अपना हर सपना पूर्ण करने की ठान लेते हैं। किसी ने विश्व को चंद्रमा तक पहुँचाने का निर्णय लिया। लोगों ने उसकी आलोचना की मगर फिर भी वह पूर्ण हो गया। किसी

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सुस्ती को दूर करने का नया दृष्टिकोण – रेडी स्टेडी अ‍ॅण्ड स्लीप गो

अध्याय का उप शीर्षक पढ़कर आप सोच रहे होंगे,‘रेडी- स्टेडी-गो’ के बीच में ‘स्लीप’ कैसे आ गया? दरअसल यह ‘स्लीप’ सुस्त लोगों द्वारा लगाया हुआ है। उनके लिए यह वाक्य यही खत्म हो जाता है। मगर आप इस ‘स्लीप’ को एक्टिव बनाकर, ‘गो’ तक लाएँ और सुस्ती को दूर करने

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अति आत्मविश्वास और लापरवाही से बचें – परिपूर्ण जीवन की ओर पाँच कदम

अर्नेस्ट हेमिंग्वे नामक बालक पूरे स्कूल में सबसे बुद्धिमान छात्र था। एक बार स्कूल में कहानी प्रतियोगिता हुई, जिसमें सभी विद्यार्थियों को कहानी लिखने के लिए पंद्रह दिन का समय दिया गया। सबसे अच्छी कहानी लिखनेवाले को पुरस्कार दिया जानेवाला था। सभी का मानना था कि पुरस्कार हेमिंग्वे को ही

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पावर ऑफ टेंशन, इंट्यूशन, इंटेशन – सिर सलामत तो पगड़ी हज़ार

दो दोस्त भानू और प्रकाश राजस्थान के रेतीले इलाके में चलते जा रहे थे। गर्मी से बचने के लिए उन्होंने सिर पर पगड़ी पहनी हुई थी। तभी वहाँ पर धूलभरी आँधी चलने लगी। आँधी इतनी तेज़ होने लगी कि उन दोनों की पगड़ी उतरकर दूर जा गिरी। भानू अपनी पगड़ी

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एक इंद्रि से जग कैसे जीतें – शब्द-स्वाद लक्ष्य

सबसे पहले आपके मुँह में घी-शक्कर! आप जानते हैं कि यात्रा पर निकलते वक्त किसी को घी-शक्कर खिलाई जाती है ताकि उसकी यात्रा सफल हो। जुबान से जग जीतना भी एक यात्रा ही है, जिसके सफल होने के लिए आपको शुरुआत में ही घी-शक्कर खिलाई जा रही है। साथ ही

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how to get rid of negative emotions

नकारात्मक भावनाओं से मुक्ति के पाँच कदम

भावनाओं को जानकर सही शब्दों में व्यक्त करें एक संत के पास गाँव के लोग अकसर शिकायतें लेकर आते थे कि उन्हें किसी पड़ोसी, रिश्तेदार आदि से परेशानी है। वे संत से यह भी कहते कि ‘आप कुछ ऐसा टोना-टोटका करें कि हमारे दुश्मनों का नुकसान हो जाए।’ एक दिन

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ज़िंदगी का सफर ‘सुहाना’ बनाने का राज़ – नियामतें गिनने का नियम

एक बार बचपन में मीरा अपने दादाजी के साथ बाहर गई थी। रास्ते में उनकी मुलाकात एक साधु से हुई, जिनके पास श्रीकृष्ण की बहुत ही सुंदर मूरत थी। मूरत देखते ही मीरा ज़िद करने लगी कि ‘यह मुझे चाहिए’ पर साधु महाराज ने मूरत देने से इनकार कर दिया।

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अपने लक्ष्यों में दृष्टिलक्ष्य का इंजन लगाएँ – ऊर्जा और दुगुने उत्साह का जोड़

एक बड़ी सी नदी के पार एक गाँव था। गाँव से बाहर कहीं भी जाने के लिए गाँववालों को अपनी-अपनी नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिन्हें वे गाँव में ही मिलनेवाले बाँस से बनाते थे। सुबह सब गाँववाले अपनी-अपनी नाव लेकर जल्दी-जल्दी काम पर जाते और शाम होने तक

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कुदरत का नियम और लक्ष्य – खिलना, खुलना और खेलना क्यों ज़रूरी है

पोलैंड में धर्मगुरु हाफिज हईम रहते थे, जिनकी ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी। एक दिन एक अमरिकी यात्री उनसे मिलने उनके घर गया। उसे यह देखकर हैरानी हुई कि धर्मगुरु होकर भी हाफिज हईम एक छोटे से कमरे में रहते थेऔर उसमें केवल पुस्तकें थीं। फर्नीचर तो दूर की

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