लीडरगम हनुमान की लीडरशीप

पृथ्वी पर कई अनोखे अवतार हुए हैं। लेकिन इन अवतारों को केवल आध्यात्मिक कहानी मानकर उनकी पूजा ही होती रहती है। जबकि होना यह चाहिए कि ऐसे अवतारों के जीवन को समझकर, अपने जीवन में भी उनके गुणों को उतारना चाहिए। आज हनुमान जयंती के अवसर पर हम भगवान शिव

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भगवान महावीर की शिक्षाओं का सच्चा परिचय

ध्यान मेरा पिता है, अहिंसा मेरी माता है, ब्रह्मचर्य मेरा भाई है, अनासक्ति मेरी बहन है, शांति मेरी पत्नी है और सत्य मेरा मित्र है। अगर ये सब मेरा परिवार है तो मैं अकेला कहाँ हूँ।’ महावीर कौन? कोई महाबली हो तो क्या उसे महावीर कहा जाए? कोई हिमालय पर्वत

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राम का महत्व

कस्तूरी कुंडल बसे, मृग ढूंढ़ै बन माहि। ऐसे घट-घट राम हैं, दुनिया देखे नाहि॥ संत कबीर के इस दोहे का अर्थ है – अपनी ही कस्तूरी की महक से बौराया हिरन उस कस्तूरी को वन-वन खोजता फिरता है। क्योंकि वह इस बात से अनजान है कि कस्तूरी उसकी अपनी ही

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जीज़स द्वारा किए गए इशारे

ईसाई धर्म में मनाए जानेवाले तीन मुख्य दिन हैं- क्रिसमस, गुड फ्राइड और ईस्टर संडे। संपूर्ण विश्वभर में 25 दिसंबर को क्रिसमस का त्योहार बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। इसी दिन पर यीशु क्राइस्ट यानी जीज़स का जन्म हुआ था। ईसाईयत के अनुसार ईश्वर के बेटे जीज़स को शुक्रवार

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आत्मनिर्भर नारी

ईश्वर ने जब संसार की रचना की तब उसने रचनात्मकता के शिखर पर नर और नारी की रचना की। नर व नारी यानी शिव और शक्ति, जिससे संसार पूर्ण होता है। स्त्री व पुरुष दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं, एक-दूसरे के बिना वे आधे-अधूरे हैं। ईश्वर ने पुरुष को सशक्त

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आज्ञा और एकाग्रता का दूसरा नाम – संत एकनाथ

जिस प्रकार पानी में चट्टान को तोड़ने की ताकत होती है, उसी प्रकार संतों के व्यवहार में दुर्जनता को जीतने का सामर्थ्य होता है। ~ संत एकनाथ गुरु आज्ञा ने ऐसा पीछा किया कि रोज़मर्रा की बातों से ज्ञान मिलने लगा, शब्द के आगे ज्ञान दौड़ने लगा और जो कुछ

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अभंग भक्ति का नाम – संत तुकाराम

महाराष्ट्र संतों की कर्मभूमी है। जहाँ पर संत ज्ञानेश्वर, संत नामदेव, संत एकनाथ, रामदास स्वामी, जैसी अनेक महान विभूतियों ने जन्म लिया और विश्व उद्धार करने के लिए लोगों को ज्ञान दिया। उच्च नैतिक मूल्यों की हिफाज़त, लोकशिक्षण, लोक संग्रह, भक्ति मार्ग ऐसे कई महत्त्वपूर्ण कार्य ऐसी विभूतियों द्वारा हुए,

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असली होली कैसे मनाएँ

एक होली है बाहर की, जो सभी मनाते हैं। लेकिन अंदर की होली नहीं जलाई तो बाहर की होली का भी कुछ फायदा नहीं। होली का त्यौहार सिर्फ एक दिन का नहीं होता। अंदर की होली का जलना यानी अब हमारे अंदर मनन शुरू होना। इस होली की अग्नि हमारे

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महाशिवरात्रि – शिव के आंतरिक गुण

विविधता में एकता संजोए विभिन्न संस्कृतियों और धर्मोंवाला ‘भारत देश’ विश्व में अपना अलग स्थान रखता है। अपने पर्व-त्योहारों और रीति-रिवाजों के लिए यह अनोखा देश माना जाता है। प्रत्येक खुशी के अवसर को त्योहार और राष्ट्रीय उत्सव के रूप में मनाने की इस देश की प्राचीन परंपरा रही है।

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2018 में समस्या सुलझाना और निर्णय लेना भगवद्गीता से सीखें

हम नयी सदी के 18वें साल में प्रवेश कर चुके हैं इसलिए 18 ये अंक वर्तमान में विशेष महत्त्व रखता है। अलग-अलग धर्मों और परंपराओं में भी 18 को विशेष स्थान दिया गया है। जैसे कि यहुदियों में दिया जानेवाला दान 18 के गुणज में होता है। चीन में भी

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दुःख मुक्ति की दवा खुशी का कुर्ता

एक राज्य का राजा काफी दिनों से बड़ा दुःखी था। कईं इलाज करवाने के बावजूद राजा का दुःख कम न हुआ। फिर राज्य के एक सज्जन ने राजा को ‘खुश इंसान का कुर्ता’ पहनने की सलाह दी। राजा के सिपाही तुरंत ही ऐसे इंसान की तलाश में निकल पड़े जो

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सही निर्णय कैसे लें

जिंदगी में निर्णय लेना क्या वाकई इतना महत्वपूर्ण है? जी हाँ! यदि हम खुद अपने निर्णय नहीं ले सकते तो हमें औरों का कहना मानना पड़ता है। यहाँ तक कि लोगों ने हमारी जिंदगी के बारे में किए हुए फैसलों पर भी चुपचाप अमल करना पड़ता है। भविष्य में शायद

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