सुखी जीवन के पासवर्ड

एक इंसान प्रतिदिन ईश्वर से प्रार्थना किया करता था कि ‘मेरी लॉटरी लग जाए ताकि मेरी आर्थिक समस्याएँ सुलझ जाएँ और पैसों की तंगी से उत्पन्न मेरा दुःख समाप्त हो जाए।’ प्रतिदिन ईश्वर से प्रार्थना करके भी कोई फल न आने के कारण हताश होकर उसने ईश्वर से कहा, ‘हे

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Make the Best use of Your Lifetime

There was a man who was walking along a riverbank before daybreak, not knowing how to spend his time until sunrise. In the dim light he stumbled upon a bag containing stones. He sat down and started taking the stones out of the bag and throwing them into the river

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वर्तमान में रहने की कला – संकल्प आनंदित जीवन का

एक बार एक राजा ने अपने पड़ोसी राजा को तीन फूल भिजवाए। तीनों फूलों का रंग-रूप, सुगंध इत्यादि एक जैसा था। फूल ले जानेवाले दूत को आदेश दिया गया कि राजदरबार में तीनों फूल दिखाकर राजा से पूछना कि ‘इन तीनों फूलों में से असली फूल कौन सा है और

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अपने विचारों को कैसे देखें

इंसान के मन में अनगिनत विचार आते रहते हैं। वे विचार साक्षी होकर देखे जाते हैं। यदि आपसे कोई सवाल पूछें कि आप आवाज कैसे सुनते हैं? तब आप उसका जवाब शब्दों में नहीं दे पाएँगे क्योंकि यह अनुभव करने की बात है, बताने की नहीं। उसी तरह मन के

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आत्मबली, बुद्धिबली और बाहुबली हनुमान लीडरगम का दम

सभी भक्तों में हनुमान एक ऐसी चरित्र रेखा हैं, जो श्रीराम की ही तरह सभी के दिलों पर खिंची हुई है। यह रेखा लक्ष्मण रेखा की तरह अति गहरी है, जिसे दुनिया का कोई रावण पार नहीं कर सकता। हनुमानजी स्वयं महामनस्वी थे यानी उनमें मन, कर्म तथा वाणी की

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कम्युनिकेशन कैसे करें

व्यक्तिगत जीवन हो या सामाजिक, ऑफिस हो या घर, स्वयं के साथ हो या दूसरों के साथ, सभी जगहों पर दिखनेवाली एक कॉमन समस्या है, ‘मिस कम्युनिकेशन’ यानी गलत तरीके से संवाद करना। सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि कम्युनिकेशन यानी क्या? बातचीत के दौरान एक इंसान सामनेवाले को

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‘कम्युनिकेशन’ कसं करावं

व्यक्तिगत जीवन असो वा सामाजिक, ऑफिस असो वा घर, स्वतःशी असो वा इतरांशी… सर्व ठिकाणी एक कॉमन समस्या दिसून येते. ती म्हणजे ‘मिस कम्युनिकेशन’ अर्थात चुकीच्या पद्धतीने संवाद साधणं. यासाठी सर्वप्रथम कम्युनिकेशन म्हणजे काय, हे समजून घेणं आवश्यक ठरतं. संवादाद्वारे, चर्चेद्वारे एखादा मनुष्य समोरच्या माणसाला जो संदेश देऊ इच्छितो, तो

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जल प्रार्थना

हे परमात्मा… हे ईश्‍वर… मुझे मुझे शुद्ध करने में मदद करो, मुझे मुझे बुद्ध बनने में मदद करो, मुझे मुझे डिटैच (अनासक्त) होने में मदद करो, मुझे मुझे समभाव में रहने में मदद करो, मुझे मुझे रंगीन तूफान में आँखें खुली रखने में मदद करो। मुझे कोई रंग न चिपके

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आज्ञा और एकाग्रता का दूसरा नाम संत एकनाथ

गुरु आज्ञा ने ऐसा पीछा किया कि रोज़मर्रा की बातों से ज्ञान मिलने लगा, शब्द के आगे ज्ञान दौड़ने लगा और जो कुछ भी मन में आया, वह सब ग्रंथार्थ होने लगा। ‘एकनाथी भागवत’ की रचना करते समय संत एकनाथ महाराज द्वारा कहे गए ये शब्द उनकी गुरु के प्रति

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मानव जीवन का लक्ष्य क्या है?

1. : मानव जीवन का लक्ष्य क्या है? सरश्री: मानव जीवन का लक्ष्य है समग्रता से खिलना, खुलना और खेलना यानी अपनी उच्चतम संभावना को खोलना। जैसे बगिया का हर फूल पूर्ण रूप से खिलना चाहता है। हर फूल का लक्ष्य होता है कि वह पूर्ण खिले और हवाओं के

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अल्प वनवास – सरश्री द्वारा नए साल 2014 का संदेश

रामायण के अनुसार भगवान श्रीराम को 14 साल के वनवास पर भेजा गया था। 2014 यह साल में आप भी वनवास पर जा सकते हैं। 14 वर्षों के बड़े वनवास पर नहीं बल्कि एक छोटे वनवास पर, जिससे आपकी आध्यात्मिक उन्नति होगी। यहाँ पर वनवास लेने का अर्थ एक निश्‍चित

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Stabilizing in the Self

Self-realization is the direct experience of Self. Self-stabilization comes when one abides permanently in the experience of Self. It is necessary to internalize the understanding completely to be stabilized in Self. When the wattage of a bulb is low, it cannot handle the electric current. If the bulb has to

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