
आज्ञा और एकाग्रता का दूसरा नाम – संत एकनाथ
जिस प्रकार पानी में चट्टान को तोड़ने की ताकत होती है, उसी प्रकार संतों के व्यवहार में दुर्जनता को जीतने का सामर्थ्य होता है। ~ संत एकनाथ गुरु आज्ञा ने ऐसा पीछा किया कि रोज़मर्रा की बातों से ज्ञान मिलने लगा, शब्द के आगे ज्ञान दौड़ने लगा और जो कुछ
