Description
मंत्रमुग्ध कर देनेवाली राजा हरिश्चंद्र गाथा
राजा हरिश्चंद्र-तारामती स्वप्न परीक्षा
1. क्या दुःख हमारी सज़ा है या यह हमें किसी बड़ी सच्चाई के लिए तैयार करने का माध्यम है?
2. सही रास्ते पर होते हुए भी जीवन हमारी इतनी कठोर परीक्षा क्यों लेता है?
3. आखिर वह क्या है, जिसे पाने के बाद फिर कुछ पाना शेष नहीं रह जाता?
इन तीन सवालों के जवाब सदियों पहले लिखे गए इतिहास के ऐसे पन्नों में छिपे हैं, जिन्हें आप जानते नहीं हैं या अगर जानते हैं तो अकसर केवल एक ‘दुःखद कहानी’ समझकर छोड़ देते हैं।
यह पुस्तक राजा हरिश्चंद्र-तारामती की स्वप्न परीक्षा (पौराणिक गाथा) को बिलकुल नए दृष्टिकोण से आपके सामने रखती है। उन अग्नि-परीक्षाओं से गुज़रते हुए राजा हरिश्चंद्र ने सिखाया कि कैसे भक्ति के चार महान सूत्र जीवन के साधारण संघर्षों को ‘आध्यात्मिक यात्रा’ में बदल सकते हैं।
यह पुस्तक केवल राजा हरिश्चंद्र और रानी तारामती के किरदार की कहानी नहीं है बल्कि आपके भीतर छिपे उस ‘सत्य’ की खोज है, जो समय और मृत्यु के पार है।
सूत्रधार – यह पुस्तक उन सभी कथा पाठकों के लिए है, जो जीवन के प्रेम और अर्थ को गहराइयों में खोजना चाहते हैं… संसार की ज़िम्मेदारियों के बीच भी भक्ति-मुक्ति की प्यास रखते हैं… जो अपनी भूली हुई पहचान को प्रेम से याद करना चाहते हैं।





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