Mukti Series: Moha Se Mukti – Mohataj Na Banen, Moha Tyag Kaise Karen (Hindi)

Original price was: ₹75.00.Current price is: ₹67.50.

In stock

SKU 9788184157116 Categories , , ,

Description

मोह विनाश पथ

क्या हम आनंद पाने के लिए किसी और के मोहताज हैं? या आनंद हमारे पास ही है?

असली आनंद तो हमारे पास ही है, उसके लिए हमें किसी और का मोहताज होने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यह बात पता न होने के कारण हम आनंद बाहर तलाशते हैं और इसके लिए लोगों के मोहताज हो जाते हैं। कम सुविधाओं में आनंदित रह पाना सच्चा विकास है। सुविधाओं से मोह हो जाने की वजह से इंसान दूसरों का मोहताज होने लगता है। जो इंसान अपने शरीर पर अनुशासन रखता है, वह मोहताज नहीं, मोहतेज जीवन जीता है। मोहतेज यानी मोह और नफरत से परे का जीवन। मोह का जब अतिक्रमण होता है तब मोहतेज जीवन शुरू होता है।

मोह से मुक्ति पाना यानी मोह का त्याग करना, मोह त्याग तब होगा जब आप जानेंगे कि मोह मोती नहीं, मिट्टी है। मोह को भी जब आप मिट्टी जानकर परखेंगे तब मोह से मुक्ति मुश्किल नहीं लगेगी। तेज के पारखी बनकर ही मोहताजी से तलाक संभव है इसलिए तेज के पारखी बनें, मोह के नहीं।

Available in the following languages:

Additional information

Weight 0.01 kg
Dimensions 5.5 × 0.3 × 8.5 in
Publisher

WOW Publishings

ISBN 13

9788184157116

No of Pages

56

Publication Year

2015

Binding

Paperback

Language

Hindi

Author / Writer

Sirshree

Title

मोह से मुक्ति – मोहताज न बनें, मोह त्याग कैसे करें

Brand

WOW PUBLISHING PVT.LTD.

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Mukti Series: Moha Se Mukti – Mohataj Na Banen, Moha Tyag Kaise Karen (Hindi)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Best selling products