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अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ का उप शीरà¥à¤·à¤• पà¥à¤•à¤° आप सोच रहे होंगे,‘रेडी- सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡à¥€-गो’ के बीच में ‘सà¥à¤²à¥€à¤ªâ€™ कैसे आ गया? दरअसल यह ‘सà¥à¤²à¥€à¤ªâ€™ सà¥à¤¸à¥à¤¤ लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लगाया हà¥à¤† है। उनके लिठयह वाकà¥à¤¯ यही खतà¥à¤® हो जाता है। मगर आप इस ‘सà¥à¤²à¥€à¤ªâ€™ को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ बनाकर, ‘गो’ तक लाà¤à¤ और सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ को दूर करने का नया दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥‹à¤£ अपनाà¤à¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह सà¥à¤²à¥€à¤ª कà¥à¤‚à¤à¤•à¤°à¤£ की सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ है, जिसका अंत असफलता और पतन है, जो इंसान के सारे गà¥à¤£à¥‹à¤‚ पर अकेले ही à¤à¤¾à¤°à¥€ पड़ती है।
आज-कल की यà¥à¤µà¤¾ पीà¥à¥€ में यह रोग तेज़ी से ङà¥à¤–ैल रहा है, à¤à¤¸à¤¾ उनके माता-पिता को लगता है। लेकिन समà¤à¤¨à¥‡à¤µà¤¾à¤²à¥€ बात यह है कि जो सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ नज़र आती है, कà¥à¤¯à¤¾ वह वाकई सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ है? कà¥à¤¯à¤¾ केवल देरी से उठना, हर काम अपने समय पर आराम से करना, जब à¤à¥€ मौका मिले बिसà¥à¤¤à¤° पर पड़े रहने को सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ कहा जाà¤à¤—ा? नहीं! दरअसल सà¥à¤¸à¥à¤¤ होना और सà¥à¤¸à¥à¤¤ दिखना, ये दो अलग बातें हैं।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न या किसी काम की पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ न होने की वजह से à¤à¥€ लोग सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आ जाते हैं, इसका अरà¥à¤¥ यह कतई नहीं है कि वे सà¥à¤¸à¥à¤¤ हैं। जैसे à¤à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ सà¥à¤¬à¤¹ जलà¥à¤¦à¥€ उठकर, दिन-रात पà¥à¤•à¤° परीकà¥à¤·à¤¾à¤à¤ देता है। फिर जैसे ही उसकी परीकà¥à¤·à¤¾ खतà¥à¤® होती है, अगले ही दिन से वह बिलकà¥à¤² आलसी हो जाता है। सà¥à¤¬à¤¹ लेट उठना… लेट नहाना… लेट खाना… à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउनकी माठअकसर कहा करती हैं, ‘सà¥à¤•à¥‚ल कà¥à¤¯à¤¾ बंद हà¥à¤, यह तो बिलकà¥à¤² सà¥à¤¸à¥à¤¤ और निकमà¥à¤®à¤¾ हो गया है।’ परंतॠइसे सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ नहीं बलà¥à¤•à¤¿ अपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ कहेंगे। करà¥à¤®à¤°à¤¤à¥ रहने हेतॠकिसी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ या उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ के अà¤à¤¾à¤µ में à¤à¤¸à¤¾ होता है। यदि आप इस विषय पर गहराई से मनन करें तो देखेंगे कि विशà¥à¤µ में सà¥à¤¸à¥à¤¤ लोग कम हैं और अपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ लोग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हैं।
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ का à¤à¤• और बहà¥à¤¤ बड़ा कारण होता है- कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न। जब समठन आठकि कà¥à¤¯à¤¾ करना है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करना है, कैसे करना है तब à¤à¥€ इंसान सà¥à¤¸à¥à¤¤ हो जाता है। आज की यà¥à¤µà¤¾ पीà¥à¥€ सà¥à¤¸à¥à¤¤ कम, अपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ और कनफà¥à¤¯à¥‚ज़ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। जिस काम को करने में पूरी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ और मोटिवेशन है, उसे करने में किसी को सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ नहीं आती।
à¤à¤¸à¥€ दिखावटी सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ को आप आगे दिठगठकारगर तरीकों से दूर कर सकते हैं।
पहला तरीका- सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ के आगे कोई दमदार मोटिवेशनवाला करà¥à¤® रखें। उदाहरण के लिठगरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बहà¥à¤¤ से पैरेंटà¥à¤¸ अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ कà¥à¤²à¤¾à¤¸ लगा देते हैं। इसके बड़े ङà¥à¤–ायदे होते हैं। बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¬à¤¹ समय पर उठता है, उसका शारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® à¤à¥€ होता है, वह किसी खेल में निपà¥à¤£à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करता है और टी.वी., मोबाइल जैसी चीज़ों से दूर रहता है। इस तरह छà¥à¤Ÿà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का रूटीन बना रहता है। à¤à¤¸à¥‡ ही जब कोई इंसान किसी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤—िता में à¤à¤¾à¤— लेता है तो उस समय उसकी कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और ऊरà¥à¤œà¤¾ बॠजाती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसके सामने जीतने का दमदार लकà¥à¤·à¥à¤¯ होता है। अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ मोटिवेशन और लकà¥à¤·à¥à¤¯ इंसान को करà¥à¤®à¤°à¤¤à¥ रखते हैं।
दूसरा तरीका- काम से जà¥à¥œà¥‡ कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न (संà¤à¥à¤°à¤®) को दूर करना। कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न के साथ किसी काम को करने का मन नहीं होता और सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ चॠजाती है। à¤à¤¸à¥‡ में सबसे पहले काम की सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤¤à¤¾ हासिल कर, कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न को दूर करें। अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ किसी योगà¥à¤¯ इंसान से सलाह लें। पर सलाह लेते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि सलाह देनेवाला खà¥à¤¦ कनफà¥à¤¯à¥‚ज़ न हो।
तीसरा तरीका- यदि आस-पास कोई योगà¥à¤¯ इंसान न मिले तो कम से कम कà¥à¤¦à¤°à¤¤ से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ अवशà¥à¤¯ करें कि ‘मेरा संशय दूर हो, मà¥à¤à¥‡ सà¥à¤²à¤à¤¨ का आनंद मिले।’ यह कà¥à¤¦à¤°à¤¤ को आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ दिया गया संकेत है कि आप अपने कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न से बाहर आना चाहते हैं। जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प कà¥à¤¦à¤°à¤¤ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ आपके लिठकोई ना कोई मारà¥à¤— तलाश लेगी। जैसे आप तक कोई अचà¥à¤›à¥€ पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• पहà¥à¤à¤š जाà¤à¤—ी या कोई योगà¥à¤¯ इंसान पहà¥à¤à¤š जाà¤à¤—ा या आप à¤à¤¸à¤¾ कोई पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® देख लेंगे, जो आपका कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न दूर करेगा। कà¥à¤¦à¤°à¤¤ के पास मदद à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ के हज़ारों चैनल हैं, आपको पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करके अपना चैनल खोलना है।
अब à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ को समà¤à¤¤à¥‡ हैं जिसके पीछे कनफà¥à¤¯à¥‚ज़न या अपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ अवसà¥à¤¥à¤¾ नहीं बलà¥à¤•à¤¿ घोर तमोगà¥à¤£ होता है। à¤à¤¸à¥‡ इंसान को मालूम होता है कि उसे उठना है, काम करना है, ङà¥à¤–िर à¤à¥€ वह उस काम को टालने और शरीर को आराम में बनाठरखने के अनेकों बहाने खोज लेता है। à¤à¤¸à¥€ ‘‘ससà¥à¤¤à¥€â€™â€™ सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ को à¤à¤—ाने के लिठसबसे पहले ज़रूरी है कि इंसान अपने à¤à¥€à¤¤à¤° सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ के दरà¥à¤¶à¤¨ कर, उसे सà¥à¤µà¥€à¤•à¤¾à¤° कर पाà¤, उससे होनेवाले नà¥à¤•à¤¸à¤¾à¤¨ को समठपाà¤à¥¤ जब सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ की इचà¥à¤›à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होगी तà¤à¥€ रासà¥à¤¤à¥‡ निकलेंगे वरना à¤à¤• अजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¥€ तो उसी अवसà¥à¤¥à¤¾ में बेहोशीà¤à¤°à¤¾ जीवन जीकर मर जाता है।
सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ का à¤à¤• सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त है। जिसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° सà¥à¤¸à¥à¤¤ इंसान करà¥à¤® नहीं करता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि करà¥à¤® न करने में उसे सà¥à¤– मिलता है और करà¥à¤® करने में दà¥à¤ƒà¤– मिलता है। इंसान की वृतà¥à¤¤à¤¿ होती है कि जिसमें उसे सà¥à¤– मिलता है, वह उस काम को बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है और जिसमें दà¥à¤ƒà¤– मिलता है, उसे टालता रहता है। सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ को à¤à¤—ाने के लिठआपको इस सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚त को उलटा करना होगा यानी आपको करà¥à¤® करने में सà¥à¤– मिले और करà¥à¤® न करने में दà¥à¤ƒà¤– मिले।
अब इस बात पर मनन करें कि आपको किस काम में सà¥à¤– मिल रहा है और जो सà¥à¤– मिल रहा है, कà¥à¤¯à¤¾ वह वाकई सà¥à¤– है? इंसान जब पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ उठाता है तà¤à¥€ उसे जवाब मिलते हैं।
आगे से जब à¤à¥€ आप किसी करने योगà¥à¤¯ करà¥à¤® को टालें तो पहले सà¥à¤µà¤¯à¤‚ से पूछें, उस समय आपको कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤– मिला? साथ ही यह à¤à¥€ पूछें कि उस करà¥à¤® को न करने से कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ दà¥à¤ƒà¤– मिला? मनन करने पर आप जान पाà¤à¤à¤—े कि जिसे सà¥à¤– समà¤à¤¾ जा रहा था, वह कà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• सà¥à¤– था और उसके बदले में आपने बहà¥à¤¤ दà¥à¤ƒà¤– à¤à¥à¤—ते। इस तरह से अपनी विवेक बà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ बà¥à¤¾à¤à¤ और सही-गलत की पहचान करना सीखें।
इसके अतिरिकà¥à¤¤ आप कà¥à¤› और तरीकों पर à¤à¥€ कारà¥à¤¯ कर सकते हैं। जैसे-
- ‘थोड़ा करें मगर आज करें’ का सूतà¥à¤° याद रखें। मन जब किसी काम को टाले तब उसे यह बात याद दिलाà¤à¤ कि पूरा नहीं तो थोड़ा काम ज़रूर करें।
- यदि आपकी सूची में बहà¥à¤¤ काम इकटà¥à¤ े हà¥à¤ हैं तो उनमें से पसंद न आनेवाले काम पहले करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पसंद आनेवाले काम आप बाद में à¤à¥€ आसानी से कर ही लेंगे।
- यदि आपका मन बहाने दे कि ‘मेरा काम करने का मूड नहीं है इसलिठमैं नहीं करूà¤à¤—ा’ तो उससे कहें, ‘काम मत करो मगर ङà¥à¤–िर कà¥à¤› और à¤à¥€ मत करो।’ वरना कई बार इंसान काम टालकर मनोरंजन में जाना चाहता है इसलिठउसे कहीं और à¤à¤Ÿà¤•à¤¨à¥‡ का अवसर न दें।
- यदि कोई काम करने में जटिल लग रहा है इसलिठसà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ आ रही है तो उस काम को छोटे-छोटे à¤à¤¾à¤—ों में बाà¤à¤Ÿà¤•à¤° करें। इससे वह काम कठिन नहीं लगेगा और आसानी से पूरा à¤à¥€ हो जाà¤à¤—ा।
यह पंकà¥à¤¤à¤¿ आपने सà¥à¤¨à¥€ होगी, ‘जहाठचाह, वहाठराह’, यदि सà¥à¤¸à¥à¤¤à¥€ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ की चाह उठी है तो राह à¤à¥€ अवशà¥à¤¯ मिलेगी… बस! ज़रूरत है, उसे समà¤à¤•à¤° सà¥à¤µà¥€à¤•à¤¾à¤° करने की और उस पर काम शà¥à¤°à¥‚ कर, नया दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥‹à¤£ अपनाने की।
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